Wednesday, 12 June 2013

4 सफाईकर्मचारियों के भरोसे नगर

बेलसंड। कस्बे में सफाई कर्मियों की कमी के चलते बारिश के दिनों में सफाई व्यवस्था का सुदृढ रखने में दिक्कत होती है लेकिन राज्य सरकार के टालमटोल रवैये के कारण आबादी के हिसाब से सफाईकर्मियों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। मात्र चार सफाईकर्मचारियों के भरोसे नगर की सफाई व्यवस्था है। शहर की आबादी के हिसाब से कम-से-कम १५ कर्मचारियों की अतिआवश्यकता है। बेलसंड नगर पंचायत में १३ वार्ड हैं। इस संबंध में नगर पंचायत के मुख्य पार्षद ने बताया कि शहर में सफाई व्यवस्था को बेतहर रखने के लिए आबादी के अनुपात में सफाईकर्मचारियों की आवश्यकता है। मात्र ४ कर्मचारियों को किसी तरह शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ रखने की कोशिश कर रहा हूं लेकिन ऐसा कब तक चलेगा? उन्होंने कहा कि नगर पंचायत एक छोटी निकाय होती है जिसमें आय का कोई ज्यादा साधन नही होता है। कम बजट में काम चलाना पड़ता है। मुख्य पार्षद ने बताया कि एक-एक दिन वार्डों को बांट दिया गया है। सफाईकर्मी शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर रखने के लिए ईमानदारी से काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पूरे बिहार में बेलसंड से अच्छा कोई निकाय हो तो हमें भी बतायें। उन्होंने कहा कि शासन को इस कमी से अवगत करा दिया गया है। हम पार्षदगण भी इस संबंध में कोई उपाय सोच रहे हैं।

मुख्य पार्षद ने बांटा चेक

 बेलसंड। प्रखंड कार्यालय परिसर में पारिवारिक लाभ योजना के तहत नगर क्षेत्र के लाभार्थियों के बीच चेक का वितरण किया गया। वितरण कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पंचायत के मुख्य पार्षद नागेंद्र झा ने किया। चेक वितरण में क्षेत्र के २८ लाभार्थियों को चेक देते हुए सांत्वना दी गई। पारिवारिक योजना के तहत सभी लाभार्थियों को दस हजार की राशि का चेक प्रदान किया गया। इस चेक वितरण शिविर में लाभुको के बीच कुल ३ लाख २० हजार रुपया का चेक प्रदान किया गया। इस अवसर पर नागेंद्र झा ने लाभुको से कहा कि इस राशि से परिवार को सबल बनाने का कार्य करें।

फिर से निकला जेनर्म का टेंडर


बेलसंड। बेलसंड के लोगों के लिए वह रूत आ ही गई। आखिरकार जवाहरलाल शहरी मलीन बस्ती योजना के तहत बनने वाले मकान का टेंडर आज बिडको कंपनी ने दुबारा निकाल ही दिया।
इस योजना के तहत बेलसंड नगर पंचायत में 1487 मकान बनाने की योजना है। इन मकानों का क्षेत्रफल 300 से 320 स्कावयर फूट होगा।  इस मकान में दो बेडरूम,बाथरुम,किचेन,बरामदा होगा। बालकनी बनाने वाले इसमें थोड़ा बहुत अपने जगह के हिसाब से बनवा सकते हैं। काफी समय पहले केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दिया था लेकिन राज्य सरकार के ढीले रवैये के कारण इसमें देरी हो रही थी। लगातार यह तीसरे बार इस योजना का टेंडर निकाला गया है। बेलसंड डाट काम के लगातार प्रयास करने से मजबूरन बुडको मैनेजमेंट ने इसका टेंडर नए रुप में निकाला।

बेलसंड के चेयरमैन ने पांच साल पहले इस योजना के लिए एड़ी चोटी का पसीना एक करके इस योजना को स्वीकृत कराने के लिए जोर लगाया था। उनके इस अथक प्रयास से इस योजना का टेंडर निकल गया। चेयरमैन चुनाव के समय उन्होंने लोगों से वादा किया था कि चेयरमैन बनते ही काम प्रारंभ करने के लिए पूरी ताकत लगा दूंगा। इस संबंध में बेलसंड डाट काम और बेलसंड ब्लॉग के संवाददाता ने जब उनसे पूछा तो वे भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मैंने चुनाव के समय ही बेलसंड नगर पंचायत के लोगों से वादा किया था कि चेयरमैन बनते ही बेलसंड को स्वर्ग बना दूंगा। आज वह घड़ी आ गई। आज सुबह हिन्दुस्तान पढ़ रहा तो टेंडर देखकर मन खुश हो गया। उन्होंने कहा कि मैं जब वोट मांगने लोगों के पास जाता था तो लोग मुझे अन्य नेताओं जैसा मान रहे थे लेकिन ज्यादातर लोगों को मेरी बात में सच्चाई लगी और 13 सीटों में से 11 सीटों पर मेरे प्रत्याशियों की जीत हुई। इस जीत के मायने मेरे चेयरमैन पद पर निर्विरोध चुनाव जीतना था। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद मैंने घोषण की थी कि बेलसंड को स्वर्ग बना कर ही दम लूंगा। इसी चरण में मैंने बेलसंड के सफाई व्यवस्था को ठीक करने के लिए पूरी ताकत लगा दी। आज पूरा बेलसंड स्वर्ग सा चमक रहा है। कहीं भी आपको गंदगी नहीं दिखाई पड़ेगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद सब कुछ स्वर्ग जैसा ही होगा। इस टेंडर के निकलने के बाद हर तरफ चेयरमैन की जयजयकार हो रही है। वहीं कुछ विरोधी इसे अपनी हार के रूप में देख रहे है। विपक्षियों में प्रदेश के कई धाकड़ नेता भी है। लेकिन नगर पंचायत के चेयरमैन को इस सब से क्या लेना देना। लोगों ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने लोगों को धन्यवाद दिया। समर्थकों में जीत की खुशी का आलम है।
इस प्रोजेक्ट के बारे में बेलसंड ब्लॉग के संवाददाता ने जब वार्ड नं. 3 के निवासी रामबाबू प्रसाद से की तो उन्होंने कहा कि नागेंद्र बाबा से यहीं उम्मीद थी। रामबाबू प्रसाद ने कहा कि आज बेलसंड इस प्रोजेक्ट पर नजरें गड़ाए बैठा था।
बेलसंड नगर पंचायत वार्ड नं. 7 के मो. कासिम का कहना है कि आपके माध्यम से हमे इसके बारे में पता चला। यह तो होना ही था। बेलसंड का चेयरमैन प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी अधिक ईमानदार है। उनमें जाति-पाती का थोड़ा भी असर नहीं है। वे विचारों से ब्राम्ö है। धन्यवाद चेयरमैन साहब।
वहीं वार्ड  नं. 9 व चेयरमैन के क्षेत्र के निवासी सोभित पासवान ने कहा कि पंडिजी को सब हल्का में ले रहलई ह। बाबा कमाल कर दिलई। जुग-जुग जीयू ये बेलसंड के बाबू।
 बेलसंड नगर पंचायत वार्ड न. 13 के लालबाबू कुशवाहा ने कहा कि बाबा में असीम ऊर्जा है। हमलोग जवान होकर भी ऐसी ऊर्जा नहंी दिखा सकते है। लेकिन नाग्रेंद्र बाबा में असीम ऊर्जा है। उन्होंने विपक्षियों को चारो खाने चित कर दिया है। अब आसमां हमारा है।
वार्ड नण् 1 के निवासी महेश झा ने कहा कि यह बेलसंड का सौभाग्य है कि उन्होंने नागेंद्र झा जैसा चेयरमैन पाया। कुछ लोग कहते थे कि यह सिर्फ चुनावी शिगूफा है। लेकिन मेरा मन कहता था कि नागेंद्र झा साधारण व्यक्तित्व का मालिक नहीं है। वह जो कहते हैं उसे पूरा करने के लिए अपना सर्वस्व न्यौच्छावर कर देते हैं। वहीं ऊर्जा काम आई और आज यह प्रोजेक्ट का टेंडर निकल आया।