बेलसंड/सीतामढ़ी। विकास के तेल, विश्वास की बाती और उम्मीद की रोशनी से निकली उत्साह मंगलवार को यादगार बना गया। मौका था जिले के 41 वें वर्षगांठ का। इस अवसर पर जहां विकास दौड़ का आयोजन हुआ, वहीं विभिन्न स्टालों के माध्यम से सरकार के विकास योजनाओं का प्रदर्शन किया गया। स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को समाहरणालय रोशनी से जगमग हो गया। वहीं स्टेडियम मैदान को भी कृत्रिम प्रकाश से सजाया गया।
जिले के लिए स्थापना दिवस महत्वपूर्ण : डीएम
जिले का 41 वें स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन रविवार को डीएम अश्विनी दत्तात्रेय ठकरे व विधायक राम नरेश यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर डीएम ने कहा कि किसी भी जिले के लिए स्थापना दिवस महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि इस अवसर पर जिला अपने प्रगति का मूल्यांकन करता है। डीएम ने कहा कि सीतामढ़ी जिला विकास के क्षेत्र में नया आयाम बनायेगा। इसके लिए आप सबों का सहयोग जरूरी है। डीएम ने कहा कि मां जानकी की जन्मस्थली में पदस्थापित हो कर वह खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहीं है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी पंकज सिन्हा ने कहा कि सीतामढ़ी में शांति व सद्भाव के प्रति पुलिस प्रशासन संकल्पित है। बस आम जनता सहयोग करे। डीडीसी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि जिले में विकास के नए आयाम स्थापित हुए है। प्रतिवर्ष जिले के विकास में गुणात्मक वृद्धि हो रही है। डीडीसी ने कहा कि प्रशासन के सहयोग से योजनाओं को धरातल पर उतारने के प्रति वे संकल्पित है। वहीं एसडीओ सदर राजेश कुमार ने सीतामढ़ी जिले के रूप में बिहार के नक्शे पर आने की चर्चा की। कहा कि सीतामढ़ी की धरती पुण्य धरा है। विधायक राम नरेश यादव ने कहा कि नीतिश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास की अंगराई ले रहा है।
स्मारिका का विमोचन
जिला स्थापना दिवस समारोह के दौरान जिला प्रशासन की ओर से प्रकाशित स्मारिका ‘वैदेही’ का विमोचन किया गया। जिसमें सीतामढ़ी की एक झलक के साथ विभिन्न लेखकों की रचनाएं प्रकाशित की गई है।
विकास दौड़ में शामिल हुईं छात्रएं
सीतामढ़ी। स्थापना दिवस के अवसर पर स्कूली छात्रएं साइकिल रेस के माध्यम से जिले के विकास दौर में शामिल हुई। कारगिल चौक पर डीईओ कुमार सहजानंद, एसडीओ राजेश कुमार, एडीएम शिव दानी सिंह, सुनील कुमार व श्री सुरेश आदि ने संयुक्त रुप से हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। सैकड़ों बालिकाओं का कारवां साइकिल से मुख्यालय डुमरा के स्टेडियम मैदानं पहुंचा।
हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम
सीतामढ़ी। स्थापना दिवस समारोह के तहत स्टेडियम मैदान में मंगलवार को विभिन्न स्कूली बच्चों ने भव्य व मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर तालियां बटोरी।
पुरस्कृत किए गए बच्चे
डुमरा। स्थापना दिवस पर अपनी प्रस्तुति व प्रदर्शन के माध्यम से लोगों का दिल बाग बाग करने वाले व जिले में आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में सफल प्रतिभागियों को मेडल व प्रशस्ती पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मौके पर थे मौजूद : मौके पर विधायक गुडडी चौधरी, बेलसंड नगर पंचायत के चेयरमैन नाग्रेंद्र झा, मोती लाल प्रसाद व दिनकर राम के अलावा जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद थे।
Wednesday, 12 December 2012
Tuesday, 11 December 2012
मौत के विरोध में सड़क जाम
बेलसंड (सीतामढ़ी) । नगर पंचायत वार्ड दो में पार्षद के घर में अनियंत्रित बोलेरो घूस जाने से कुचल कर पार्षद शैल देवी की मौत एवं परिजनों के बुरी तरह घायल होने से आक्रोशित लोगों ने सोमवार की सुबह नगर पंचायत में बैरियर लगाकर सड़क जाम कर दिया। सभी दूकानें स्वत: बंद रखी गई थी। आक्रोशित लोगों द्वारा जगह जगह टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। लोगों द्वारा बोलेरों चालक की गिऱफ्तारी समेत मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी देने, पीड़ित परिवार को 5 लाख मुआबजा देने एवं घायल परिजनों की समुचित चिकित्सा उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे। एसडीओ विद्यानंद सिंह के नेतृत्व में डीएसपी संतोष कुमार राय, कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार सिन्हा, बीडीओ सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, थानाध्यक्ष संतोष शर्मा अनि नितेश कुमार सशस्त्र बल के साथ लोगों को समझा कर शांत कराया। दोपहर बाद स्थिति नियंत्रित होने पर शैली देवी के घर के निकट सड़क पर मुख्य पार्षद नागेन्द्र झा द्वारा शोक सभा आयोजित की गई। जिसमें मुख्य पार्षद नागेन्द्र झा, वार्ड पार्षद श्याम सहनी, शकुंतला देवी, गोपाल भगत, मो. इब्राहिम, सुजीत कुमार कुमार सिंह प्यारे, रंजीत कुमार राय, मोनू झा आदि शामिल थे। अधिकारियों ने तत्काल कबीर अंत्योष्टि योजना की राशि मृतक के पति लालबाबू चौधरी को उपलब्ध कराया तथा यथा संभव अन्य सरकारी अनुदान दिलाने का आश्वासन दिया।
Monday, 10 December 2012
लोक सभा चुनाव शिवहर से लड़ंगा रघुनाथ झा
बैरगनिया। राजदपूर्व केंद्रीय मंत्री रघुनाथ झा ने कहा कि सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण अन्तर्राष्ट्रीय महत्ता के प्रखंड बैरगनिया को अनुमंडल का दर्जा मिलना चाहिए। प्रखंड के बेगाही गांव में प्रखंड राजद कार्यकर्ता की बैठक में श्री झा बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जब मैं कालेज में पढ़ता था उस वक्त बैरगनिया के विद्युत उत्पादन केन्द्र से संपूर्ण सीतामढ़ी जिले को बिजली मिलती थी। जो खुद आज मोहताज बना है। बैरगनिया के समुचित विकास के लिए जमुआ घाट तथा फुलवरिया घाट पर सड़क पुल बनना अत्यंत आवश्यक है। पूर्व मंत्री ने नंदवारा, परसौनी, चकवा, मसहा के विस्थापित परिवार को पुर्नवासित नहीं किए जाने व पुर्नवासित परिवार को दशकों बाद भी पर्चा नहीं मिलने पर सरकार की आलोचना की। कहा कि सूबे में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। अधिकारी, कर्मचारी की पदस्थापना जाति व पैसा के आधार पर की जा रही है। मनरेगा में 24 हजार करोड़ रुपये का गोलमाल हुआ है, परन्तु सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इंदिरा आवास के नाम पर दस-दस हजार रिश्वत ली जा रही है। पार्टी आलाकमान ने टिकट दिया तो आगामी लोक सभा चुनाव शिवहर से लड़ंगा । अन्यथा पार्टी जिसे टिकट देगी उन्हें समर्थन करूंगा। मौके पर पूर्व विधायक अजीत कुमार झा, उमेशचन्द्र जायसवाल, करुणाकरण चौधरी, कमर खां, रामाकांत राय, विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता, लीलाधर मिश्र, परमेश्वर झा, हृदय नारायण चौधरी आदि ने भी विचार रखे।
उम्मीदों के पुल बने सीतामढ़ी
मां जानकी की जन्म भूमि के साथ हिमालय की वादियों व पड़ोसी देश नेपाल से सटे सीतामढ़ी को 11 दिसंबर 1972 को जिला का दर्जा मिला। स्थापना के 41 वर्ष के सफर में जिले ने बहुत कुछ पाया है तो खोया भी है। बागमती नदी की गोद में बसे इस जिला को विभाजन भी ङोलना पड़ा। जिले का एक अनुमंडल शिवहर कटकर जिले के रूप में नक्शे पर आया। विकास के आधार पर स्थापित सीतामढ़ी पहले मुजफ्फरपुर जिला में शामिल था। जिस समय जिले की स्थापना हुई, तब यहां मां जानकी की जन्मस्थली समेत कई धार्मिक व पौराणिक स्थल ही थे। इसके अलावा अंग्रेजी हुकूमत की कुछ अवशेष, व गिने चुने शैक्षणिक संस्थान थे। पहले यहां नील की खेती होती थी। जिला मुख्यालय से शहर तक सड़क के दोनों तरफ जंगली वृक्ष थे। जिले का दर्जा मिलने के बाद उम्मीदों के पुल बने, जिंदगी की रफ्तार के लिए सड़के बनी, शिक्षा का इंद्रधनुषी छटा सामने आया। स्कूल, कालेज खुले, इंजिनियरिंग कालेज, पालिटेक्निक स्कूल व मेडिकल कालेज की स्थापना की कवायद भी जारी है। रेलमार्ग बने, सीतामढ़ी स्टेशन को जंक्शन का दर्जा मिला। सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर नई रेल मार्ग का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। वहीं दरभंगा-सीतामढ़ी व सीतामढ़ी से बैरगनिया के बीच आमान परिवर्त्तन हुआ है। बैरगनिया - छौड़ादानों के बीच अब ट्रेन चलने का इंतजार है। 40 वषरे में चार स्टेशन व पांच हाल्ट बने है। बाढ़ का कहर ङोलते जिलावासियों को कटौझा, बंशी चाचा पुल ढ़ेंग व डुब्बा घाट पुल तोहफा भी मिला है। मारड़घाट पर पुल का निर्माण हो चुका है। कई सरकारी भवन बने है। जिले ने स्वास्थ्य व्यवस्था में नया मुकाम बनाया है। जिला बनने के पूर्व यहां महज चार पीएचसी थे, अब इनकी संख्या 17 है। स्वास्थ्य सेवा हाईटेक हो चली है। पशुपालन व कृषि व्यवस्था भी विकास की राह में है। नदियों पर बांध व बराज का निर्माण हुआ है। सिंचाई की व्यवस्था हुयी है। वर्ष 1972 में 8 प्रखंड थे अब 17 है। एक नगर परिषद था। वर्तमान में एक नगर परिषद के साथ डुमरा, पुपरी, बैरगनिया व बेलसंड समेत चार नगर पंचायत है। सुरसंड को नगर पंचायत का दर्जा देने की कवायद जारी है। राज्य सरकार ने सीतामढ़ी को पर्यटक स्थल का दर्जा प्रदान किया है। अब केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने की प्रतीक्षा है। जेल, पुलिस लाईन, समाहरणालय, न्यायालय, पोस्ट आफिस, स्टेडियम, दूरदर्शन रिले केंद्र, नगर उद्यान आदि सरकारी भवन व आवासीय कालोनी का निर्माण हुआ है।२०१२ में नाग्रेंद्र झा बेलसंड नगर पंचायत के चेयरमैन बनें। उनके चेयरमैन बनते ही बेलसंड की तकदीर बदल गई। ग्रामीण परिवेश में नगर प्रशासन का मेल आपको बेलसंड में देखने को मिलेगा। चेयरमैन बनते ही उन्होंने जनता के दर्द को समझा और स्थानीय प्रशासन को भयमुक्त बना दिया। सफाई को देखकर आपको सहसा अंदाजा लग जाएगा कि नगर किस प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा है। नाग्रेंद्र झा ने सर्वप्रथम जवाहरलाल शहरी मलिन बस्ती योजना के तहत बेलसंड के लिए भाग्य खोल दिया। कभी नक्सलियों की पनाहगार के तौर पर बदनाम बेलसंड में कोई वैर भाव नही है। लोगों को एक अच्छे प्रशासन की जरूरत थी जो उन्हें नागेन्द्र झा के प्रशासन में मिल रही है।
Sunday, 9 December 2012
धान क्रय शुरू नहीं होने से कृषकों को परेशानी
बेलसंड। अनुमंडल क्षेत्र में पैक्स व व्यापार मंडल द्वारा धन क्रय शुरू नहीं किए जाने से कृषकों की परेशानी बढ़ गई है। उनके समझ धान के भंडारण की समस्या उत्पन्न हो गई है। वहीं पैसे के अभाव में रबी की बुआई प्रभावित हो रही है। मजबूरी में कुछ कृषक बिचौलियों के हाथ नौ सवा नौ सौ प्रति क्विंटल की दर से धान बेचने को बाध्य है। इससे उन्हें तकरीबन 350 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ रहा है। कृषि उत्पादन में बढ़ते लागत व रासायनिक खाद की कीमतों में वृद्धि के कारण बुआई का खर्च काफी बढ़ गया है।
Saturday, 8 December 2012
नपं की बैठक में कार्य योजना की स्वीकृति
बेलसंड। नगर पंचायत की दूसरी बैठक मुख्य पार्षद नागेन्द्र झा की अध्यक्षता में हुई। जिसमें स्वच्छता व अतिक्रमण मुद्दा छाया रहा। नगर पंचायत के सभागार में आहूत बैठक में जगह-जगह चार चक्का वाला कूड़ादान रखने के साथ पांच ट्राली, दो मशीन जल छिड़काव का यंत्र खरीदने के साथ प्रत्येक पंचायत के बिजली के पोलों पर वेपर लाइट लगाने की स्वीकृति दी गई। वार्ड तीन व पांच के मुहाने पर मस्जिद के निकट पांच सीटों वाले शौचालय का निर्माण, वाडरे में 13 पीसीसी सड़क निर्माण व जेनरेटर खरीदने की स्वीकृति दी गई। वार्ड तीन के पार्षद शकुंतला देवी ने अपने वार्ड में प्राथमिक विद्यालय में महीनों से बंद मध्याह्न् भोजन को चालू कराने की मांग की। बैठक में सड़कों के अतिक्रमण के समस्या पर भी चर्चा की गई। कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार सिन्हा ने सड़कों की नापी कराकर अतिक्रमण मुक्त कराने का आश्वासन दिया। मौके पर श्याम सहनी, विनोद पासवान, नथुनी आलम, मो. वजीर साह, रंधीर कुमार, शकुंतला देवी, सागरा खातून, शैल देवी आदि उपस्थित थीं।
Sunday, 2 December 2012
आखिर डीपीआर मकान का निकला टेंडर
चेयरमैन का सपना पूरा होने का एक और चरण बढ़ा
बेलसंड। बेलसंड के लोगों के लिए वह रूत आ ही गई। आखिरकार जवाहरलाल शहरी मलीन बस्ती योजना के तहत बनने वाले मकान का टेंडर आज बिडको कंपनी ने निकाल ही दिया।
इस योजना के तहत बेलसंड नगर पंचायत में १४८७ मकान बनाने की योजना है। इन मकानों का क्षेत्रफल ३०० से ३२० स्कावयर फूट होगा। इस मकान में दो बेडरूम सहित गैलरी,सीढ़ी होगा। बालकनी बनाने वाले इसमें थोड़ा बहुत अपने जगह के हिसाब से बनवा सकते हैं। काफी समय पहले केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दिया था लेकिन राज्य सरकार के ढीले रवैये के कारण इसमें देरी हो रही थी। लेकिन आखिरकार वह समय आ ही गया। कुछ ही दिन में इस योजना के तहत कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
बेलसंड के चेयरमैन ने पांच साल पहले इस योजना के लिए एड़ी चोटी का पसीना एक करके इस योजना को स्वीकृत कराने के लिए जोर लगाया था। उनके इस अथक प्रयास से इस योजना का टेंडर निकल गया। चेयरमैन चुनाव के समय उन्होंने लोगों से वादा किया था कि चेयरमैन बनते ही काम प्रारंभ करने के लिए पूरी ताकत लगा दूंगा। इस संबंध में बेलसंड ब्लॉग के संवाददाता ने जब उनसे पूछा तो वे भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मैंने चुनाव के समय ही बेलसंड नगर पंचायत के लोगों से वादा किया था कि चेयरमैन बनते ही बेलसंड को स्वर्ग बना दूंगा। आज वह घड़ी आ गई। आज सुबह हिन्दुस्तान पढ़ रहा तो टेंडर देखकर मन खुश हो गया। उन्होंने कहा कि मैं जब वोट मांगने लोगों के पास जाता था तो लोग मुझे अन्य नेताओं जैसा मान रहे थे लेकिन ज्यादातर लोगों को मेरी बात में सच्चाई लगी और १३ सीटों में से ११ सीटों पर मेरे प्रत्याशियों की जीत हुई। इस जीत के मायने मेरे चेयरमैन पद पर निर्विरोध चुनाव जीतना था। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद मैंने घोषण की थी कि बेलसंड को स्वर्ग बना कर ही दम लूंगा। इसी चरण में मैंने बेलसंड के सफाई व्यवस्था को ठीक करने के लिए पूरी ताकत लगा दी। आज पूरा बेलसंड स्वर्ग सा चमक रहा है। कहीं भी आपको गंदगी नहीं दिखाई पड़ेगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद सब कुछ स्वर्ग जैसा ही होगा। इस टेंडर के निकलने के बाद हर तरफ चेयरमैन की जयजयकार हो रही है। वहीं कुछ विरोधी इसे अपनी हार के रूप में देख रहे है। विपक्षियों में प्रदेश के कई धाकड़ नेता भी है। लेकिन नगर पंचायत के चेयरमैन को इस सब से क्या लेना देना। लोगों ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने लोगों को धन्यवाद दिया। समर्थकों में जीत की खुशी का आलम है।
इस प्रोजेक्ट के बारे में बेलसंड ब्लॉग के संवाददाता ने जब वार्ड नं. ३ के निवासी रामबाबू प्रसाद से की तो उन्होंने कहा कि नागेंद्र बाबा से यहीं उम्मीद थी। रामबाबू प्रसाद ने कहा कि आज बेलसंड इस प्रोजेक्ट पर नजरें गड़ाए बैठा था। लोगों का सपना पूरा होने को है। बधाई हो नागेंद्र बाबा।
बेलसंड नगर पंचायत वार्ड नं.७ के मो. सलीम का कहना है कि आपके माध्यम से हमे इसके बारे में पता चला। यह तो होना ही था। बेलसंड का चेयरमैन प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी अधिक ईमानदार है। उनमें जाति-पाती का थोड़ा भी असर नहीं है। वे विचारों से ब्राम्ह्ण है। धन्यवाद चेयरमैन साहब।
वहीं वार्ड नं. ९ व चेयरमैन के क्षेत्र के निवासी गोरख पासवान ने कहा कि पंडिजी को सब हल्का में ले रहलई ह। बाबा कमाल कर दिलई। जुग-जुग जीयू ये बेलसंड के बाबू।
बेलसंड नगर पंचायत वार्ड न.१३ के लालबाबू कुशवाहा ने कहा कि बाबा में असीम ऊर्जा है। हमलोग जवान होकर भी ऐसी ऊर्जा नहंी दिखा सकते है। लेकिन नाग्रेंद्र बाबा में असीम ऊर्जा है। उन्होंने विपक्षियों को चारो खाने चित कर दिया है। अब आसमां हमारा है।
वार्ड न. १ के निवासी महेश झा ने कहा कि यह बेलसंड का सौभाग्य है कि उन्होंने नागेंद्र झा जैसा चेयरमैन पाया। कुछ लोग कहते थे कि यह सिर्फ चुनावी शिगूफा है। लेकिन मेरा मन कहता था कि नागेंद्र झा साधारण व्यक्तित्व का मालिक नहीं है। वह जो कहते हैं उसे पूरा करने के लिए अपना सर्वस्व न्यौच्छावर कर देते हैं। वहीं ऊर्जा काम आई और आज यह प्रोजेक्ट का टेंडर निकल आया।
वार्ड न. २ के निवासी रमई पासवान ने कहा कि बबा ने सब कुछ पूरा देहली। अब घर बने के इंतजार हये। बबा के बच्चा सब के मन से आशिर्वाद।
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