Sunday, 23 December 2012
विधायक ने किया प्रस्तावित पुल का निरीक्षण
बेलसंड। पथ निर्माण विभाग की बेलसंड मीनापुर पथ में डुमरिया घाट पर प्रस्तावित पुल निर्माण का स्थल निरीक्षण के पश्चात विधायक सुनीता सिंह चौहान, राणा रणधीर सिंह चौहान और मुख्य पार्षद नाग्रेंद्र झा ने पुल के 19वें किलोमीटर में कासा भवन के निकट बनाने की बात कही है। ज्ञात हो कि डुमरिया घाट पर पुलिया निर्माण हेतु विभाग द्वारा निविदा आमंत्रित कर संवेदक को कार्यादेश दे दिया गया था। संवेदक द्वारा निर्माण कार्य शुरू करने के साथ ही नगर पंचायत के वार्ड नंबर 31 एवं सरैया के लोगों के पुल निर्माण से क्षेत्र के जलप्लावित होने का कारण बताकर पुल निर्माण कार्य रोक दिया था। ग्रामीणों ने अपनी समस्या विधायक से मिलकर बताई। इसके आलोक में विधायक ने कार्यकर्ताओं के साथ प्रस्तावित स्थल का दौड़ा कर सभी पक्षों की बात सुनी। मुख्य पार्षद नाग्रेंद्र झा के आग्रह पर विधायक ने बाढ़ की विभिषिका से त्रस्त सरैया के लोगों को राहत दिलाते हुए निर्माण के लिए सहमती कायम कराया। पुल निर्माण हेतु अभियंताओं के परामर्श से स्थल का परिवर्तन किया गया।
शीतलहर के प्रकोप में बेलसंड, ठिठुर रहे लोग
बेलसंड: शीतलहर के प्रकोप से हर कोई दो चार है किन्तु इससे राहत के लिए अलाव की व्यवस्था प्रशासन की ओर से नहीं की जा सकी है। हालांकि अलाव की मांग विगत एक सप्ताह से की जा रही है। इधर खबर मिली है कि कहां-कहां अलाव जलेगा, इसका सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद विचार किया जाएगा कि किसे टेंडर दें, राशि कहां से निकले आदि। तब तक लोग ठिठुरते रहें। लगता है जब धूप खिलेंगे तब अलाव लगेंगे।
कुछ लोगों का कहना है कि अलाव आमजनों गरीबों को भले ही गर्मी प्रदान करे या न करे पर इसमें संलिप्त ठेकेदार या फिर आपूर्ति कर्ता की जेब जरूर गरम होगी। इस बीच देर होने से वे लोग भी थोड़े उदास हैं। वहीं कुछ मायूस होकर कहते हैं कि अपने पर भरोसा करें, दान-अनुदान के भरोसे जीवन नैया नहीं चलती। प्रशासन को चाहिए कि यथाशीघ्र अलाव की व्यवस्था करें ऐसा न हो कि देर हो जाए और कोई अनहोनी हो जाये अर्थात ठंड की मार किसी की जान ले लें। ठंड का सबसे सर्द दिन : सबसे सर्द दिन कहा जाएगा। ठंड का आलम यह है कि लोगों के घर निकले पर पाबंदी सी दिखी। सड़के सूनी रही। कनकनी इतनी की कोई कहीं निकलने की हिम्मत नहीं कर सका। यथा संभव यथा शक्ति गर्म कपड़ों में लिपटे लोग ठंड की ही चर्चा करते पाये गये। वही कहीं-कहीं निजी खर्च से अलाव की व्यवस्था कर गर्मी बांटी। बस स्टैंड में कचरे एवं मोबिल टायर आदि तो कई अन्य जगहों पर काटरून जलाकर लोगों ने गर्मी से बचने का प्रयास किया। अलबत्ता आमलेट की दुकानों पर भीड़ है। वहीं शराब से गर्मी लेनेवाले लोग भी चादर के अंदर बोतल लिये इस्टू हाउसों में बैठे कहकहे लगा देश-दुनिया की बात करते पाये गये। हां सड़कें सूनी रही। गरीब तबके के लोग किसी तरह अपने सीमित साधनों की बदौलत जाड़े से लड़ने की जद्दोजहद कर रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि सरकार को चाहिए ठंड के दिनों में वृद्धों को कंबल की आपूर्ति करें।
Saturday, 22 December 2012
ईशाननाथ मंदिर : सुविधाओं का अभाव
दिलीप झा की रिपोर्ट
बेलसंड। ऐतिहासिक दमामी मठ को रामायण सर्किट से जोडऩे व जीर्णोद्वार पर्यटन मंत्री सुनिल कुमार पिन्टू के आश्वासन के बाद आशा जगी लेकिन इसको अमलीजामा नहीं पहनाया गया। आज भी यह पर्यटन स्थल सुविधाओं का रोना रो रहा है। जिले के पर्यटन मंत्री होने के बावजूद भी सुनिल पिंटू सिर्फ आश्वासन ही दे रहे हैं। पिछले साल सितंबर महीने में पयटन मंत्री ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित तीन कुआं, तालाब, शमशान घाट एवं ध्वस्त अतिथिशाला का निरीक्षण किया। इस ऐतिहासिक मठ को पर्यटन के मानचित्र पर लाने के लिए स्थानीय विधायक सुनीता सिंह चौहान, बेलसंड नगर पंचायत चेयरमैन नागेंद्र झा प्रयासरत हैं। इन्होंने मुख्यमंत्री से इसके संबंध में अनुरोध किया था। जिसके आलोक में सरकार ने जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इस संबंध में अनुमंडलाधिकारी डा. विद्यानंद सिंह (बेलसंड) ने सेवानिवृत अभियंता राम निवास शर्मा एवं अन्य लोगों के सहयोग से उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करा कर जिला प्रशासन के माध्यम से पर्यटन विभाग को भेजा था। ज्ञात हो कि यह मंदिर राजा जनक द्वारा स्थापित बताया जाता है।
दमामी मठ से विख्यात व बाबा ईशाननाथ मंदिर को रामायण सर्किट से जोडऩे की कवायद शुरू हो गई है। इसी के साथ अब लोगों को मंदिर के जीर्णोद्वार की उम्मीद जग गई है। उचित देखरेख के अभाव में यह मंदिर ध्वस्त होने के कगार पर है एवं इसे पर्यटन के मानचित्र पर लाने की मांग वर्षों से की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि अनुमंडल मुख्यालय से लगभग पांच किमी की दूरी पर अवस्थित दमामी मठ के रूप में विख्यात बाबा ईशान नाथ का दुर्लभ शिवलिंग की पूजा लोग वर्षों से कर रहे हैं। बेलसंड, परसौनी एवं रुन्नीसैदपुर प्रखंडों के हजारों श्रद्धालु सुबह पांच बजे की आरती पूजा के दौरान उपस्थित रहते हैं। स्थानीय लोग अपनी दिनचर्या सुबह में बाबा ईशान नाथ के दर्शन के साथ शुरू करते हैं। वैसे मंदिर में देर रात तक दर्शन करने वालों की भीड़ लगी रहती है। शिव रात्रि, वसंत पंचमी, अनंत चतुर्दशी के अलावा सावन के महीने में खासकर सोमवार को यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है। वर्तमान में ध्वस्त अतिथिशाला, पाठशाला, परिसर की चाहरदीवारी, जर्जर पोखर एवं तीन कुंआ के भाग विशेष मंदिर के प्राचीन काल में भव्य तीर्थ स्थान होने की गवाही देते हैं। लगभग 15 एकड़ के विस्तृत क्षेत्र में फैला मंदिर का परिसर इसकी संपन्नता का साक्षी है। पहले यहां वसंत पंचमी एवं दुर्गापूजा के अवसर पर विशाल मेला लगता था। लेकिन अब पहले जैसी बात नहीं है। बताया जाता है कि यह मंदिर राजा जनक के समय में भी अवस्थित था। प्राचीन काल में यह मंदिर बागमती नदी के किनारे स्थापित था। कालांतर में नदी ने अपनी धारा परिवर्तित कर ली। वर्तमान में नदी के प्रतीक के रूप में लगभग बीस किमी लंबा नासी उपलब्ध है। मंदिर परिसर में शिवलिंग के सामने 16 महंथों की समाधी भी भग्नावस्था में मौजूद है। मंदिर के वर्तमान पुजारी गिरी के अनुसार इस मंदिर के जात पहले महंत दुंद गिरी थे। उसके पहले का इतिहास उपलब्ध नहीं है, उसके बाद क्रमश: तुंग गिरी, भैरव गिरी, कनक गिरी, सूरज गिरी, बालकृष्ण गिरी, परिक्षण गिरी, राजनारायण गिरी एवं रामचन्द्र गिरी गुरु शिष्य परंपरा के तहत महंथ होते आए। रामचन्द्र गिरी ने विवाह कर वंश परंपरा कायम की और वर्तमान पुजारी उनके पुत्र हैं। मंदिर का प्राचीन घंटा जिसपर उत्कीर्ण अभिलेख के अनुसार 1293 ई. में कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को जलेश्वर स्थान के महंथ प्रीति गिरी ने सिंह द्वार के सामने स्थापित कराया था। मंदिर का सिंह द्वार बंगाल की स्थापत्य कला से प्रभावित दिखता है। इसका निर्माण सुरखी चूना से किया गया है जो काफी आकर्षक है। राजांतर में पार्वती जी एवं हनुमान जी के मंदिर का निर्माण कराया गया है। मंदिर में अवस्थित शिवलिंग भूतल से 12 फीट नीचे है। शिवलिंग लगभग दो फीट लंबा है एवं काफी आकर्षक है। मंदिर नेपाल के अवस्थित जलेश्वर नाथ एवं अरेराज स्थित सोमेश्वर नाथ से काफी मिलता जुलता है। बरसात के महीनों में शिवलिंग जलमग्न रहता है। मान्यता के अनुसार बरसात के दिनों में लिंग के जलमग्न न होने पर सुखाड़ की स्थिति उत्पन्न होती है। मंदिर में 3 मार्च 2006 में राम निवास शर्मा, द्वारा 101.1 किलो का पीतल का घंटा लगवाया गया है एवं अमलेन्दु पांडेय द्वारा बरसात के दिनों में गर्भ गृह से जल निकासी हेतु उपकरण दिए गए है। ऐसी मान्यता है कि रामचन्द्र जी जानकी जी के साथ विवाह के पश्चात जनकपुर से इसी रास्ते अयोध्या गए थे एवं इस मंदिर में पूजा अर्चना भी की थी।
Friday, 21 December 2012
पांच दुकानों से एक लाख की चोरी
बेलसंड। बुधवार की रात्रि में चोरों के एक गिरोह ने परतापुर चौक स्थित पांच दुकानों की कड़ी निकाल कर लगभग एक लाख की संपत्ति चोरी कर ली। जानकारी के अनुसार चोरों ने नरेश मंडल के कपड़े की दुकान से कीमती साड़ी, रेडिमेड वस्त्र व दुकान में रखे नगदी समेत 60 हजार, नीरज कुमार के इलेक्ट्रानिक्स दुकान से स्टेबलाइजर, वाउचर, मोबाइल समेत 20 हजार, हरि नाथ राम के मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान से ग्राहकों के 32 मोबाइल समेत सैमसंग की एक नई मोबाइल,ं संजय पटेल व अभिषेक कुमार की दुकानों से 8 हजार व 18 हजार की संपत्ति चोरी कर ली। बताया गया है कि पांचों दुकान से लगभग एक लाख की चोरी की गई है। एक माह पूर्व नीरज कुमार की दुकान का दीवाल तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया था। प्राथमिक दर्ज होने के बावजूद चोरों की शिनाख्त न हो पाने से उनका हौसला बढ़ गया है। दुकानदारों द्वारा सूचना दिये जाने के बावजूद समाचार प्रेषण तक रूपौली उप चुनाव में व्यस्तता के कारण पुलिस घटना स्थल पर नहीं पहुंच सकी थी। थानाध्यक्ष द्वारा चुनाव कार्य संपन्न होने बाद घटना स्थल पर पहुंचने का आश्वासन दिया गया है। चोरी की घटना से आहत दुकानदारों ने अपनी फरियाद विधायक सुनीता सिंह चौहान को सुनाई।
Thursday, 20 December 2012
पुल निर्माण कार्य बाधित
बेलसंड। पथ निर्माण विभाग की बेलसंड छतौनी पथ में नगर पंचायत के बसौल घाट पर पुल निर्माण का कार्य जमीन विवाद के कारण बाधित हो गया है। कुछ लोगों द्वारा निर्माण कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर विकास कार्य को बाधित करने की साजिश की जा रही है। इसकी जानकारी मिलने पर विधायक प्रतिनिधि सह प्रदेश किसान प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष राणा रणधीर सिंह चौहान ने नगर पंचायत के मुख्य पार्षद नागेन्द्र झा के साथ स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों के बीच पीडि़त व्यक्तियों की व्यथा सुनी। उन्होंने सड़क की जमीन के नक्शा का भी निरीक्षण किया एवं अभियंता को निर्माण कार्य जारी करने का निर्देश दिया। सड़क की नापी कराकर पुल निर्माण का निर्देश देते हुए कहा कि अगर निर्माण कार्य में और अधिक निजी जमीन की आवश्यकता होने पर लोगों को अपनी जमीन देने के लिए राजी कर सरकार से पर्याप्त मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। नगर पंचायत के मुख्य पार्षद नागेंद्र झा ने लोगों को काफी देर तक समझाया। उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार उनके भलाई के लिए सोच रही है। इस विकास कार्य में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न करें। लोगों ने उनके बातों को गंभीरता से सुना और मुख्य पार्षद को भरोसा दिलाया कि विकास कार्य को पूरी मदद करेंगे।
ज्ञात हो कि 2004 की प्रलंकारी बाढ़ में यह पुल ध्वस्त हो गया था। तबसे पुल निर्माण की मांग की जा रही थी। स्व. रामचन्द्र साहनी एवं नागेंद्र झा के प्रयास से चचरी पुल बनाकर आवागमन चालू कराया गया। वर्तमान विधायक सुनीता सिंह चौहान के प्रयास के बाद यह महत्वपूर्ण पुल स्वीकृत हुआ एवं इसके निर्माण की जिम्मेवारी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को मिली। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने निविदा आमंत्रित कर संवेदक को कार्य आवंटित कर कार्यादेश दिया इसके आलोक में कार्य शुरू कराया गया है। इस अवसर पर पूर्व सरपंच रामचन्द्र साह, श्याम बाबू प्रसाद, कौशल किशोर सिंह, गिरजा नंदन सिंह समेत दर्जनों लोगों उपस्थित थे।
ज्ञात हो कि 2004 की प्रलंकारी बाढ़ में यह पुल ध्वस्त हो गया था। तबसे पुल निर्माण की मांग की जा रही थी। स्व. रामचन्द्र साहनी एवं नागेंद्र झा के प्रयास से चचरी पुल बनाकर आवागमन चालू कराया गया। वर्तमान विधायक सुनीता सिंह चौहान के प्रयास के बाद यह महत्वपूर्ण पुल स्वीकृत हुआ एवं इसके निर्माण की जिम्मेवारी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को मिली। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने निविदा आमंत्रित कर संवेदक को कार्य आवंटित कर कार्यादेश दिया इसके आलोक में कार्य शुरू कराया गया है। इस अवसर पर पूर्व सरपंच रामचन्द्र साह, श्याम बाबू प्रसाद, कौशल किशोर सिंह, गिरजा नंदन सिंह समेत दर्जनों लोगों उपस्थित थे।
Tuesday, 18 December 2012
प्रमाण पत्र के लिए देनी पड़ती रिश्वत : पूर्व सांसद
बेलसंड सीतामढ़ी। पूर्व सांसद सीताराम सिंह ने राजद के स्थानीय कार्यालय में आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक में राज्य सरकार पर जम कर बरसे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार के आकंठ डूबी है। आज प्रखंड कार्यालयों में आय एवं आवासीय प्रमाण पत्र के लिए भी जरूरत मंदों को रिश्वत देना पड़ता है। अधिकारी बेलगाम हो गए है। अधिकारियों को मनमानी करने की छूट देकर सरकार आम जनता को परेशान कर रही है। टैक्सों में काफी इजाफा कर दिया गया है। जनता कर के बोझ से कराह रही है। कृषि रोड मैप तैयार कर दिया है। लेकिन बिहार के कोटे का यूरिया नेपाल भेजा जा रहा है। किसान परेशान है। जहरीली शराब से अब तक राज्य में 500 से अधिक लोग मर चुके है। बावजूद सरकार चुप है। शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। लगभग हर गांव में शराब की दुकान खोलकर लोगों को शराबी बनाया जा रहा है। नीतीश जी शराब बंदी कीे बजाए शराब पर अधिक टैक्स लगाने की बात कर रहे है। इन सारी समस्याओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए विशेष राज्य के दर्जा की मांग कर जनता को भरमाया जा रहा है। विशेष राज्य के समर्थन के लिए अन्य मुख्यमंत्रियों से सहयोग लेने की जिम्मेवारी नीतीश जी को सौंपी गई है। राजद विशेष राज्य के दर्जा का विरोध नहीं करती। पार्टी नीतीश जी के तौर तरीकों का विरोध करती है। मौके पर राजद के प्रखंड अध्यक्ष जग्रन्नाथ राय, युवा अध्यक्ष राम बाबू राय, लाल बाबू राय, चुन्नी सिंह, राकेश कुमार सिंह समेत कई लोग उपस्थित थे।
Monday, 17 December 2012
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