Saturday, 9 February 2013
रीगा चीनी मिल सीतामढ़ी - शिवहर जिलों के लिए वरदान
बेलसंड। रीगा चीनी मिल की खस्ताहाली व इससे किसानों में उत्पन्न उहापोह को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री सह राज्य योजना पर्षद के उपाध्यक्ष हरि किशोर सिंह ने कहा कि रीगा चीनी मिल सीतामढ़ी - शिवहर जिलों के लिए वरदान है। यह मिल किसानों की आर्थिक उन्नति का आधार है। ऐसे में मिल बंद नहीं होगा। श्री सिंह शुक्रवार को बागमती निरीक्षण भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसानों से मिल के प्रति विश्वास बनाए रखने व मिल को गन्ना मुहैया कराए जाने की अपील की। उन्होंने जोर दे कर कहा कि गन्ना किसानों का पैसा किसी कीमत पर नहीं डूबेगा। अगर मिल प्रबंधन असफल रहा तो सरकार की ओर से सकारात्मक पहल की जाएगी। सूबे की सरकार कल कारखाने लगाने को तत्पर है। फिर जो कारखाना है उसे किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने देगी। कहा कि बैंक इंवेस्टमेंट के लिए तैयार है। पटना में मिल प्रबंधन के शिवव्रत धानुका से बात हुई। शिवव्रत ने पढ़ाई विदेश में किए जाने की बात बतायी। उन्होंने प्रसन्नता जताते हुए शिवव्रत का हौसला बढ़ाया और कहा कि उन्होंने भी विदेश में शिक्षा ली है। श्री सिंह ने कहा कि वर्तमान में दो पीढ़ी मिल कर मिल चला रहे है। ऐसे में मिल बंद नहीं होना चाहिए। बताया कि मिल प्रबंधन ने पिछले वर्ष का भुगतान लगभग पूरा होने की जानकारी दी है। मौके पर विजय विकास, अरुण कुमार सिंह, डा. अवधेश नारायण व अजय कुमार मौजूद थे।
Friday, 8 February 2013
नवोदय प्रवेश परीक्षा दस मार्च को
बेलसंड आगामी 10 मार्च को आयोजित होने वाली नवोदय प्रवेश परीक्षा में 2008 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इसके लिए जिले में दो परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए है। परीक्षा केंद्र एमपी हाई स्कूल में 1215 तथा परीक्षा केंद्र कमला बालिक उच्च विद्यालय में 793 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। जानकारी के अनुसार बाजपट्टी से 56, बैरगनिया122, बथनाहा 180, बेलसंड 46, बोखड़ा 38, चोरौत 25, डुमरा 368, मेजरगंज 49, नानपुर 72, परिहार के विभिन्न स्कूलों में 259 परीक्षार्थी एमपी हाई स्कूल में परीक्षा देंगे। इसी प्रकार परसौनी 58, पुपरी 70, रीगा 252, रुन्नीसैदपुर 52, सोनबरसा 173, सुप्पी 32, सुरसंड 66 व थुम्मा से 90 परीक्षार्थी कमला बालिका उच्च विद्यालय में परीक्षा देंगे।
Wednesday, 6 February 2013
जरूरी उपकरणों का टेंडर निकाला
बेलसंड। नगर पंचायत को स्वच्छ बनाने की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए नगर पंचायत प्रशासन के रिपोर्ट के बाद प्रदेश सरकार ने एक टेंडर निकाला है। इसमें नगर को स्वच्छ बनाने के लिए जरूरी उपकरणों की सूची दी गई है। इन सामानों के आने से नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और सुदृढ होगी।
नगर पंचायत के इस टेंडर में जगह-जगह चार चक्का वाला कूड़ादान रखने के साथ पांच ट्राली, दो मशीन जल छिड़काव का यंत्र खरीदने के साथ प्रत्येक पंचायत के बिजली के पोलों पर वेपर लाइट लगाने की स्वीकृति दी गई। जेनरेटर खरीदना है।
नगर पंचायत चेयरमैन से इस टेंडर के बारे में पूछा गया तो वे बोले कुछ ही दिनों में सामान आ जाने के बाद नगर की सफाई व्यवस्था और ठीक हो जाएगी।
गौरतलब है कि जब से बेलसंड में नई सरकार का गठन हुआ तब से नगर में सफाई व्यवस्था में नंबर वन बनाने की पूरे जोर शोर से तैयारी चल रही है। इसका ताजा उदाहरण प्रत्येक दिन नगर में सफाई की बेहतर व्यवस्था है।
निर्माण में व्यापक पैमाने पर अनियमितता जारी
बेलसंड। नगर पंचायत में डूडा द्वारा कराए जा रहे सड़क की ढ़लाई व नाला निर्माण में व्यापक पैमाने पर अनियमितता जारी है। कायरे की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्थानीय विधायक द्वारा स्थल निरीक्षण के बाद दिए गए निर्देश का भी असर नहीं हुआ है। पथ निर्माण विभाग की सड़क से जगन्नाथ सिंह महाविद्यालय चंदौली तक पीसीसी सड़क निर्माण कार्य जारी है, किन्तु संवेदक द्वारा नियमानुसार न तो भाईब्रेटर का प्रयोग किया जा रहा है और न ही सही अनुपात में मिक्चर किया जा रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा कार्य का विरोध किए जाने पर रंगदारी का आरोप लगाकर मुकदमा करने की धमकी दी जा रही है। इसी विभाग द्वारा नगर पंचायत के वार्ड पांच स्थित मस्जिद के निकट बनाए गए नाला व उस पर डाले गए स्लैब एक माह के अंदर ही ध्वस्त हो चुके है, जो कार्य की गुणवत्ता की गवाही देते नजर आ रहे है। इतना ही नहीं विभागीय अभियंता व संवेदक द्वारा मांगे जाने पर न तो प्राक्कलन दिए जा रहे है और न ही उसे सूचना पट्ट पर अंकित किया जा रहा है। समय रहते अगर विभाग कार्रवाई नहीं करता है तो निर्माण के साथ ही इन सड़कों का वजूद ध्वस्त हो जाएगा।
इस संबंध में स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत चेयरमैन नागेंद्र झा से मुलाकात कर उन्हें इससे अवगत कराया तो उन्होंने कहा कि इसके संबंध में जिलाधिकारी को बताया जाएगा। इससे अच्छा स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य ज्यादा भरोसेमंद होता क्योंकि स्थानीय स्तर के ठेकेदार को अपने क्षेत्र की भी चिंता होती है। उन्होंने स्थानीय विधायक से भी इसकी चर्चा की और कार्रवाई करने के लिए जिलाधिकारी से बात करने की बात कहीं।
वहीं नगर पंचायत के तरफ से हो रहे कार्यों की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं।
Sunday, 3 February 2013
Friday, 1 February 2013
नहीं बंद होगा चीनी मिल : सीएमडी
बेलसंड
: घाटे के चलते चीनी मिल बंद करने के दिए गए बयान से एक कदम पीछे आते हुए मिल प्रबंधन ने एक बार फिर साफ किया है कि कम से कम इस साल रीगा चीनी मिल प्रबंधन अपने किसानों के साथ रहेगी। और गन्ना किसानों को ससमय भुगतान किया जाएगा। वहीं मिल को किसी भी हालत में बंद नहीं होने दिया जायेगा। किसानों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलने वाली रीगा चीनी मिल प्रबंधन आज भी है। किसी भी कीमत पर मिल बंद नहीं होगी। उक्त बाते मिल के प्रबंध निदेशक ओपी धानुका ने मिल परिसर में किसानों से खुलकर बात करते हुए कही। किसानों की समस्याओं से रूबरू होते कहा कि साफ-सुथरा ताजा जड़-पत्ती रहित व रोग बीमार रहित गन्ने की आपूर्ति करें, जिससे रिकवरी ठीक हो सके और गन्ना मूल्य के भुगतान में व्यवधान न हो। गन्ना व चीनी मूल्य में सामंजस्य नहीं होने से गन्ना मूल्य भुगतान में परेशानी हो रही है। फिर भी किसानों के सहयोग से अपने पूर्व क्षमता की बदौलत प्रबंधन मिल चलाता रहेगा। उन्होंने कहा कि गन्ना विकास, मार्केटिंग व भुगतान में कोई परेशानी नहीं हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। मौके पर सीएमडी के पुत्र श्रीव्रत धानुका, अध्यक्ष आर शंकरण व उपाध्यक्ष केन निर्मल कुमार सिंह के अलावा किसान गुणानंद चौधरी, बच्चा सिंह, रत्नेश सिंह, बेचन सिंह, अरुण कुमार शर्मा, संजीव सिंह, शंभू शंकर भोला व संजय सिंह समेत अन्य मौजूद थे।
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